Sunday, April 24, 2011
Friday, April 22, 2011
नारी बिन विज्ञापन न होय
नारी जिसे पहले के समय में देवी माना जाता था और वह लक्ष्मी का स्वरूप होती थी जिनके बिना कोई भी अनुष्ठान पूरा नही होता था वही नारी आज ऐसी हो गयी है जिसको पहचानना मुश्किल होता जा रहा है आज का दौर तेजी से बदलते नैतिक मूल्यों का है इस युग में कल तक जो कुछ वर्जनाओं के घेरे में था उसे आज स्वीकार कर लिया गया है अच्छाई-बुराई के पैमानों में निरंतर परिवर्तन हो रहा है आज अजीबो- गरीब चीजो के अजीबो- गरीब विज्ञापन देखे जाते है मिमिक्री करते सर्कस के जोकर की तरह हाथ पाव नचाते मुह बनाते करतब करते जवान स्त्री पुरुष बूढ़े बुढ़िया और बच्चे तक भी सबकी सिरकत करते है उनमे विज्ञापन के छेत्र नारी के स्वरूप में क्रांति कारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है आज से चार दशक पूर्व किसी महिला का बाल कटवाना, लिपस्टिक लगाना, जींस, टी शर्ट जैसे परिधान पहनना अशिस्ट माना जाता था किन्तु वर्तमान में यह आम बात हो चली है आये दिन नये- नये विज्ञापनों में स्त्रियों के नये- नये रूप देखने को मिलते है
इस समय स्त्रियों का जो रूप सबसे ज्यादा आश्चर्य कर रहा वह रियलिटी शो और क्रिकेट के मैदान पर देखा जा सकता है जहा पर वह अपने फूहड़ पन का परिचय देते हुए नजर आती है और इसमें वह वो सब भी कर जाती है जो शायद ही किसी को पसंद आता हो, लेकिन वह उसमे इतनी ज्यादा व्यस्त होती है की वह अपनी तहजीब को भी भूल जाती है और वह सब करती है जो उसे नही करना चाहिए इस समय चल रहे आई.पी.एल.को ही ले लीजिये किसी भी खिलाड़ी चौका या छक्का मारने पर चीयर गल्स एसे नाचती है की कोई किसी की शादी में भी एसे नही नाचता होगा क्या उनके न नाचने से खिलाड़ी खेलना बंद कर देगे? रियल्टी शो में अगर राखी सावंत अपनी बेहुदा एक्टिंग नही करेगी तो क्या वह नही चलेगा?तब भी चलेगा लेकिन वह इस तरह के कारनामे कर के दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना रही है लेकिन उनकी पहचान किस तरह की बन रही है या तो सब जानते है
सूरज बिन उजाला होए ,रात बिन अँधेरा होए
बादल बिन बरसात होए, लेकिन नारी बिन विज्ञापन न होए
Saturday, April 09, 2011
anna hi anna
चारो तरफ अन्ना ही अन्ना की गूंज है और हो भी क्यों ना अन्ना हजारे ने काम ही ऐसा किया है जो हर हिन्दुस्तानी सोचता तो था लेकिन कभी आवाज नही उठाई हर व्यक्ति इस भ्रष्टाचार से परेशान है और इतना ज्यादा परेशान है कि अन्ना हजारे कि एक आवाज पर लोग हजारो कि संख्या में अन्ना के साथ हो गए
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